INDIAN Army में पुजारी (JCO Religious Teacher) कैसे बनें? Qualification, Salary, और तैयारी की पूरी जानकारी

भारतीय सेना में Religious Teacher (RT) या Junior Commissioned Officer – JCO Religious Teacher एक विशेष पद होता है, जिसका कार्य सेना के जवानों को धार्मिक, आध्यात्मिक और नैतिक मार्गदर्शन देना होता है। वे जवानों को धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान देते हैं, पूजा-पाठ कराते हैं, और मानसिक शांति में सहायता करते हैं। भारतीय सेना में Religious Teacher की भूमिका केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सैनिकों की मानसिक और भावनात्मक मजबूती से भी जुड़ी होती है। जब सैनिक सीमाओं पर तनावपूर्ण स्थितियों में होते हैं, तब Religious Teacher उन्हें धार्मिक उपदेश, प्रेरणात्मक कथा और आध्यात्मिक सहारा देकर मनोबल को बनाए रखते हैं। ऐसे में इस पद की मानव-संवेदना और आत्मिक शांति प्रदान करने वाली जिम्मेदारी बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है।

JCO In Indian Army Religious Teacher
JCO In Indian Army Religious Teacher

सेना में विभिन्न धर्मों के अनुसार पुजारियों JCO Religious Teacher की नियुक्ति होती है:

  • पंडित (हिंदू)
  • ग्रंथी (सिख)
  • मौलवी (मुस्लिम)
  • पादरी (ईसाई)
  • बौद्ध भिक्षु (बौद्ध)

Army में पुजारी बनने के लिए योग्यता JCO Religious Teacher

शैक्षणिक योग्यता:

  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation)
  • संबंधित धर्म का गहन अध्ययन और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान आवश्यक है
  • उदाहरण:
    • हिंदू उम्मीदवार: संस्कृत में शास्त्री/आचार्य डिग्री या धर्मशास्त्र में डिग्री
    • सिख उम्मीदवार: गुरुमुखी का ज्ञान और सिख धर्मग्रंथों की जानकारी
    • मुस्लिम उम्मीदवार: मदरसे से मौलवी आलिम की डिग्री
    • ईसाई उम्मीदवार: धर्मशास्त्र या डिविनिटी में डिग्री

आयु सीमा:

  • 25 से 34 वर्ष
  • आरक्षित वर्गों को आयु में छूट सरकारी नियमों के अनुसार मिलती है

जरूरी परीक्षाएं

भारतीय सेना में Religious Teacher बनने के लिए उम्मीदवारों को Army Religious Teacher Recruitment Exam देना होता है। इसकी प्रक्रिया निम्नलिखित होती है:

  1. स्क्रीनिंग टेस्ट
  2. लिखित परीक्षा (धार्मिक ज्ञान और सामान्य ज्ञान)
  3. इंटरव्यू
  4. मेडिकल टेस्ट
  5. फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT)

सिलेक्शन प्रक्रिया

  1. उम्मीदवार joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं
  2. योग्य उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए बुलाया जाता है
  3. लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन होता है
  4. चयनित उम्मीदवारों को JCO (Religious Teacher) पद पर नियुक्त किया जाता है

ट्रेनिंग और कोर्स की जानकारी

चयनित उम्मीदवारों को सेना के JCO Religious Teacher Training Centre में भेजा जाता है, जहाँ उन्हें:

  • धार्मिक कर्तव्यों का प्रशिक्षण
  • सैन्य अनुशासन और नियमों की जानकारी
  • मानसिक स्वास्थ्य और जवानों की काउंसलिंग से जुड़ी शिक्षा दी जाती है

सैलरी और प्रमोशन

श्रेणीविवरण
पदJCO (Religious Teacher)
वेतन स्तरPay Matrix Level 6
प्रारंभिक सैलरी₹35,000 – ₹50,000 प्रति माह (अनुमानित)
भत्तेHRA, DA, Risk Allowance, Uniform Allowance
प्रमोशन की संभावनाSubedar → Subedar Major → Honorary Commission (Lieutenant / Captain)

तैयारी कैसे करें?

  • धार्मिक ग्रंथों का गहन अध्ययन करें (जैसे भगवद गीता, वेद, कुरान, बाइबिल, आदि)
  • सामान्य ज्ञान और करेंट अफेयर्स की नियमित प्रैक्टिस करें
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें
  • फिजिकल फिटनेस बनाए रखें
  • मॉक टेस्ट और ऑनलाइन कोर्स का लाभ लें

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या सेना में पुजारी बनना सरकारी नौकरी है?
हाँ, यह एक सम्मानजनक सरकारी नौकरी है।

Q2. क्या महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं?
वर्तमान में यह पद केवल पुरुषों के लिए उपलब्ध है।

Q3. भर्ती कितनी बार निकलती है?
आमतौर पर वर्ष में एक बार, लेकिन आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें।

Q4. क्या NCC सर्टिफिकेट से लाभ मिलता है?
हाँ, NCC ‘C’ सर्टिफिकेट धारकों को वरीयता मिल सकती है।

Q5. क्या रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलती है?
हाँ, JCO पद के अंतर्गत पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ मिलते हैं।

निष्कर्ष – JCO Religious Teacher

भारतीय सेना में JCO Religious Teacher बनना एक गौरवपूर्ण और सेवापूर्ण कार्य है। यह न केवल देश सेवा का माध्यम है, बल्कि जवानों की मानसिक और आध्यात्मिक मजबूती में भी योगदान देता है। यदि आप धर्म के प्रति समर्पित हैं और एक अनुशासित जीवन जीना चाहते हैं, तो यह करियर आपके लिए उत्तम विकल्प है।

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