दोस्तों आज हम भारतीय उपराष्ट्रपति पद के बारे में बात करने जा रहे हैं| इंडिया के उपराष्ट्रपति के बारे में जानकारी भारतीय संविधान के अनुसार इंडिया का राष्ट्रपति भारत का राष्ट्र प्रमुख होता है| आर्टिकल 62 के बाद इंडिया के उपराष्ट्रपति पद के बारे में संविधान में लिखा गया है –vice president of India. आज इस पोस्ट में हम यह जानेंगे कि भारत का उपराष्ट्रपति क्या होता है? भारत के Vice President की कौन-कौन सी शक्तियां है? भारत का उप राष्ट्रपति कौन कौन बन सकता है ? इंडिया में अब तक कितने राष्ट्रपति हुए हैं और वर्तमान में भारत का उपराष्ट्रपति कौन है– साथ ही हम यह भी डिस्कस करेंगे कि भारत का पहला उपराष्ट्रपति कौन था- First Vice President of India

भारत के उपराष्ट्रपति के बारे में जानकारी
भारत के संविधान का अनुच्छेद 63 यह व्यवस्था करता है कि भारत गणराज्य का एक उपराष्ट्रपति Vice President Of India होगा। अनुच्छेद 66(3) के अनुसार उपराष्ट्रपति पद के लिए किसी व्यक्ति ने निम्नलिखित योगिता यह नीचे-1. वह भारतवर्षका नागरिक हो, 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो और राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो|
अनुच्छेद 64 और 89 के अंतर्गत यह उपबंध है कि भारतीयगणराज्य का उपराष्ट्रपति Upper House या संसद के राज्य सभा का पदेन सभापति होगा और अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा। इंडिया की संवैधानिक व्यवस्था में उपराष्ट्रपति पद का धारक व्यक्ति कार्यपालिका का भाग है परंतु राज्य सभा के सभापति के रूप में वह संसद का भाग है। इस तरह भारतीय उपराष्ट्रपति की भूमिका दोहरी हो जाती है और वह एक ही समय में दो अलग-अलग और पृथक पदों को धारण करता है
उपराष्ट्रपति संसद के किस सदन का या किसी राज्य के विधान मंडल का सदस्य नहीं होगा और यदि संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधान मंडल का सदस्य उपराष्ट्रपति निर्वाचित होता है तो उसे अपना पूर्व पद छोड़ना होगा
इंडियाके प्रथम उपराष्ट्रपति कौन थे – First Vice President of India
इंडिया के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे
इस समय इंडिया का उपराष्ट्रपति कौन है
जगदीप धनकड़ के त्यागपत्र के बाद यह पद खाली हो गया है | 21 जुलाई 2025 को रात में धनखड़ जी का त्यागपत्र प्राप्त हुआ| देश के 14 वें वाइस प्रेसिडेंट थे| वेंकैया नायडू देश के 13वें उप-राष्ट्रपति थे | इनसे पहले हामिद अंसारी वाइस प्रेसिडेंट थे जिन्होंने दो कार्यकाल तक उपराष्ट्रपति के पद को संभाला |
भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?
कौन करता है वोट?
- भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल (Electoral College) द्वारा किया जाता है, जिसमें केवल संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य शामिल होते हैं, चाहे वे चुने गए हों या मनोनीत।
- राज्य विधानसभाओं के सदस्य इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते।
- मतदान गुप्त बैलेट से होता है और इसमें एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote – STV) का उपयोग किया जाता है।
- सांसद उम्मीदवारों को प्राथमिकता के क्रम में (1, 2, 3…) वोट देते हैं। यदि पहले दौर में कोई उम्मीदवार जरूरी वोट नहीं पाता, तो सबसे कम वोट पाने वाले को बाहर कर दिया जाता है और उसके वोट अगली पसंद को ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।
कौन बन सकता है उपराष्ट्रपति?
उपराष्ट्रपति बनने के लिए उम्मीदवार को ये योग्यताएँ पूरी करनी होती हैं:
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए।
- राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता होनी चाहिए।
- किसी भी लाभ के पद (Office of Profit) पर नहीं होना चाहिए।
उम्मीदवारी के लिए आवश्यक है:
- कम से कम 20 सांसदों का प्रस्तावक और
- 20 सांसदों का समर्थनकर्ता (सेकेंडर) होना जरूरी है।
कोई भी व्यक्ति कितनी भी बार भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ सकता है। इस पर कोई सीमा नहीं है।
मतगणना कैसे होती है?
जीतने के लिए जरूरी कोटा तय किया जाता है:
(कुल वैध वोट ÷ 2) + 1
पहले प्रथम पसंद (First Preference) के आधार पर वोट गिने जाते हैं।
अगर कोई उम्मीदवार जरूरी कोटा पार नहीं करता, तो सबसे कम वोट वाले उम्मीदवार को हटा दिया जाता है और उनके वोट अगली पसंद वाले उम्मीदवार को ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।
यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाती है जब तक कोई उम्मीदवार कोटा पार नहीं कर लेता।
संविधान में क्या प्रावधान है?
- भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत होता है।
- चुनाव की प्रक्रिया 1952 के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम और 1974 के चुनाव नियमों के अनुसार होती है।
- भारतीय चुनाव आयोग (ECI) इस चुनाव की पूरी जिम्मेदारी निभाता है – जैसे कि अधिसूचना जारी करना, वोटर लिस्ट तैयार करना, रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त करना आदि।
अगर किसी कारणवश पद खाली हो जाता है, तो अनुच्छेद 68(2) के अनुसार, चुनाव जल्द से जल्द कराना जरूरी होता है।
भारत के संविधान के अनुसार, हर बार जब उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है, तो उसे एक “निर्वाचन” (Election) माना जाता है — भले ही कोई उम्मीदवार दोबारा चुना गया हो या कार्यकाल पूरा किया हो।
अब आइए इसे संख्या के हिसाब से समझते हैं:
चुनाव क्रमांक | निर्वाचित व्यक्ति | टिप्पणी |
---|---|---|
1वां चुनाव | डॉ. राधाकृष्णन (1952) | |
2वां चुनाव | डॉ. राधाकृष्णन (1957) | लगातार दूसरा कार्यकाल |
3वां चुनाव | डॉ. जाकिर हुसैन (1962) | |
4वां चुनाव | वी. वी. गिरि (1967) | |
5वां चुनाव | गोपाल स्वरूप पाठक (1969) | उपचुनाव (VV गिरि बने राष्ट्रपति) |
6वां चुनाव | बी. डी. जत्ती (1974) | |
7वां चुनाव | एम. हिदायतुल्लाह (1979) | |
8वां चुनाव | आर. वेंकटरमन (1984) | |
9वां चुनाव | शंकर दयाल शर्मा (1987) | |
10वां चुनाव | के. आर. नारायणन (1992) | |
11वां चुनाव | कृष्णकांत (1997) | |
12वां चुनाव | भैरोंसिंह शेखावत (2002) | |
13वां चुनाव | हामिद अंसारी (2007) | |
14वां चुनाव | हामिद अंसारी (2012) | लगातार दूसरा कार्यकाल |
15वां चुनाव | वेंकैया नायडू (2017) | |
16वां चुनाव | जगदीप धनखड़ (2022) | |
17वां चुनाव | (सितंबर 2025 को प्रस्तावित) | क्योंकि धनखड़ ने कार्यकाल पूरा नहीं किया |
2025 का उपराष्ट्रपति चुनाव
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद, 9 सितंबर 2025 को नया चुनाव तय किया गया है।
राज्यसभा के महासचिव पी.सी. मोदी को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है।
राजनीतिक दलों, खासकर एनडीए, ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
भारत के उपराष्ट्रपति के अधिकार – विस्तार से जानिए
भारत का उपराष्ट्रपति (Vice President of India) संविधान द्वारा निर्धारित एक महत्वपूर्ण पद है। यह देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। उपराष्ट्रपति न केवल सम्मानजनक पद पर होता है, बल्कि उसके पास कुछ विशेष संवैधानिक, विधायी और प्रशासनिक अधिकार भी होते हैं।
नीचे विस्तार से उपराष्ट्रपति के अधिकारों की जानकारी दी गई है:
1. राज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha)
- उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य करता है।
- वह राज्यसभा की बैठकों की अध्यक्षता करता है और सदन की कार्यवाही को अनुशासित ढंग से चलाता है।
- यदि कोई सदस्य अनुशासनहीनता करता है, तो उपराष्ट्रपति उसे चेतावनी या सदन से निष्कासित भी कर सकता है।
- किसी भी बिल या प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान वह निष्पक्ष रूप से सभी पक्षों को समय देता है।
2. राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कार्यभार
- जब राष्ट्रपति अस्थायी रूप से अनुपस्थित होते हैं (विदेश यात्रा, बीमारी आदि), तो उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है।
- यदि राष्ट्रपति का पद किसी कारणवश रिक्त हो जाए (मृत्यु, इस्तीफा आदि), तब तक उपराष्ट्रपति कार्यभार संभालता है जब तक नया राष्ट्रपति चुना नहीं जाता।
- इस अवधि में उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति जैसे सभी अधिकार प्राप्त होते हैं।
3. विधायी भूमिकाएँ
- उपराष्ट्रपति को राज्यसभा में टाई (Tie) की स्थिति में निर्णायक वोट (Casting Vote) देने का अधिकार होता है।
- हालांकि, उपराष्ट्रपति लोकसभा की कार्यवाही में भाग नहीं लेता, लेकिन राज्यसभा में उसकी भूमिका निर्णायक होती है।
4. अन्य प्रशासनिक दायित्व
- उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति की सलाह पर कुछ समितियों, आयोगों या निकायों के सदस्य या अध्यक्ष नियुक्त करने में भूमिका निभा सकता है।
- विभिन्न शपथ ग्रहण समारोहों, राष्ट्रीय कार्यक्रमों, या प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा बनने की औपचारिक जिम्मेदारी भी निभाता है।
5. राजनीतिक भूमिका
- उपराष्ट्रपति एक गैर-राजनीतिक और निष्पक्ष पद होता है, लेकिन कई बार यह व्यक्ति राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुका होता है, इसलिए वह विभिन्न दलों के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है।
- देश के संविधान और संसद की गरिमा बनाए रखने में उसकी भूमिका अहम होती है।
संक्षिप्त सारणी
विषय | विवरण |
---|---|
वोटर कौन हैं? | लोकसभा व राज्यसभा के सभी सांसद (चुने गए + मनोनीत) |
मतदान प्रक्रिया | गुप्त बैलेट, एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (STV) |
जीतने के लिए जरूरी कोटा | (कुल वैध वोट ÷ 2) + 1 |
योग्यता | भारत का नागरिक, ≥ 35 वर्ष, राज्यसभा सदस्य बनने की पात्रता |
नामांकन शर्तें | 20 प्रस्तावक + 20 समर्थनकर्ता (सांसद) |
कार्यकाल सीमा | कोई सीमा नहीं, पुनः चुनाव लड़ सकते हैं |
कानूनी आधार | संविधान का अनुच्छेद 66, 1952 का अधिनियम, 1974 के नियम |
प्राधिकरण | भारत निर्वाचन आयोग (ECI) |
अगला चुनाव | 9 सितंबर 2025 |
ये भी पढ़े – टेरिटोरियल आर्मी में अधिकारी कैसे बने
अब तक उपराष्ट्रपति की लिस्ट list of vices president of India
भारत के उपराष्ट्रपति (Vice Presidents of India) – अद्यतन सूची (2025 तक)
क्र. | नाम | जन्म–मृत्यु | कार्यकाल |
---|---|---|---|
1. | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 1888 – 1975 | 1952 – 1962 |
2. | डॉ. जाकिर हुसैन | 1897 – 1969 | 1962 – 1967 |
3. | वराहगिरि वेंकटगिरि | 1884 – 1980 | 1967 – 1969 |
4. | गोपाल स्वरूप पाठक | 1896 – 1982 | 1969 – 1974 |
5. | बी. डी. जत्ती | 1913 – 2002 | 1974 – 1979 |
6. | न्यायमूर्ति मोहम्मद हिदायतुल्लाह | 1905 – 1992 | 1979 – 1984 |
7. | आर. वेंकटरमण | 1910 – 2009 | 1984 – 1987 |
8. | डॉ. शंकर दयाल शर्मा | 1918 – 1999 | 1987 – 1992 |
9. | के. आर. नारायणन | 1920 – 2005 | 1992 – 1997 |
10. | कृष्णकांत | 1927 – 2002 | 1997 – 2002 |
11. | भैरों सिंह शेखावत | 1923 – 2010 | 2002 – 2007 |
12. | मोहम्मद हामिद अंसारी | जन्म – 1937 | 2007 – 2017 |
13. | मुप्पवरपु वेंकैया नायडू | जन्म – 1949 | 2017 – 2022 |
14. | जगदीप धनखड़ | जन्म – 1951 | 11 अगस्त 2022 – 21 जुलाई 2025 |
तो दोस्तों यह थी जानकारी कि भारत के उपराष्ट्रपति के बारे में जानकारी – भारत का उपराष्ट्रपति कौन होता है| भारत के पहले वाइस प्रेसिडेंट कौन थे और भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति कौन हैं| अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे अधिक से अधिक शेयर करने का प्रयास करें ताकि हम आने वाले समय में भी आपके लिए भारतीय संसद भारतीय संविधान व अन्य रोचक तथ्यों से जुड़ी हुई पोस्ट लेकर के आए |
- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भारतीय संविधान की तैयारी के 10 असरदार तरीके
- 100 Questions of Indian Constitution संविधान-100 महत्वपूर्ण प्रश्न उतर
- भारतीय संविधान की 12 अनुसूचियां
आलोक वत्स बीएड धारक , TET / CTET क्वालिफाइड हैं और साथ ही MCA डिग्री धारक भी हैं | विगत 15 वर्षो से सरकारी जॉब्स जैसे समीक्षा अधिकारी , PCS एग्जाम और तमाम सरकारी नौकरियों से सम्बंधित आर्टिकल लिख रहे हैं और हज़ारो छात्रों को गाइडेंस दे चुके हैं |