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मर्चेंट नेवी में करियर की जानकारी – मर्चेन्ट नेवी क्या है – मर्चेंट नेवी में कोर्सेज की जानकारी

मर्चेंट नेवी नाम भले ही इंडियन नेवी से मिलता-जुलता हो लेकिन यह नेवी का हिस्सा बिल्कुल नहीं है। यह पूरी तरह से एक व्यवसायिक समुद्री जहाजी बेड़ा है। मर्चेंट नेवी में करियर की जानकारी बहुत ज़रूरी है | मर्चेंट नेवी अपने यात्री जहाज, मालवाहक जहाज, कंटेनर, तेल व रेफ्रिजरेटेड जहाज तथा कई दूसरे समुद्री जहाजों के जरिए सामान व यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाने का काम करती है। सरकारी और निजी दोनों ही क्षेत्रों की कंपनियों द्वारा शिपिंग सर्विसेज संचालित की जाती हैं। आज हम आप को मर्चेंट नेवी में करियर की जानकारी देने वाले हैं

मर्चेंट नेवी में करियर की जानकारी

मर्चेंट नेवी या नेवल इंजीनियरिंग को मूल रूप से व्यापारिक जहाजों का बेड़ा कहा जाता है, जिसमें समुद्री यात्री जहाज, मालवाहक जहाज, तेल टैंकर, रेजिरेटेडशन शिप आते है मर्चेन्ट नेवी में समुद्र की लहरों पर अठखेलियां करने के साथ आपको विदेशों की सैर करने का भी मौका मिलता है यह फील्ड रोमांचक और साहस भरा होता है.

मर्चेंट नेवी का करियर नौसेना से अलग है. मर्चेंट नेवी में करियर में यात्री जहाज, तेल रेफ्रेजरेटेड जहाज, मालवाहक जहाज आते हैं. मर्चेंट नेवी का काम इनके संचालन से जुड़ा हुआ होता है. इसमें तकनीकी टीम और क्रू की भर्तियां बड़े पैमाने पर होती हैं.

जहाजी बेड़े के संचालन के लिए टेक्निकल टीम से लेकर क्रू मेंबर के रूप में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की हर समय मांग रहती है, जो जहाज का संचालन, तकनीकी रखरखाव और यात्रियों को कई प्रकार की सेवाएं देते हैं। इसलिए मर्चेंट नेवी युवाओं के लिए आकर्षक करियर के रूप में लोकप्रिय है। पहले इस फील्ड
में लड़के ही आया करते थे लेकिन अब लड़कियां भी डॉक्टर व रेडियो ऑफिसर के रूप में इस फील्ड में आ रही हैं।
करियर की संभावनाएं
अंतरराष्ट्रीय व्यापार का लगभग पूरा दारोमदार मर्चेंट नेवी पर ही टिका है। विभिन्न देशों के बीच कोई भी आयात-निर्यात समुद्री जहाजों के बिना संभव नहीं है। हमारे देश में भी शिपिंग कंपनियों का एक बड़ा नेटवर्क बन चुका है।
यही वजह है कि बड़े-बड़े जहाजों के संचालन के लिए इस फील्ड में प्रशिक्षित स्टाफ की बहुत मांग रहती है। नेविगेशन ऑफिसर, रेडियो ऑफिसर, इलेक्ट्रिकल ऑफिसर या मरीन इंजीनियर जैसे टेक्निकल प्रोफेशनल्स के लिए करियर के अवसर विभिन्ना निजी देशी शिपिंग कंपनियों के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन, जापान जैसे देशों की शिपिंग कंपनियों में भी खूब है।

मर्चेंट नेवी में करियर बनाने के लिए योग्यता:
मर्चेंट नेवी में 10वीं पास से लेकर बीटक डिग्री वालों के लिए भर्तियां होती हैं. इसलिए अगर आप मर्चेंट नेवी में जाना चाहते हैं तो पद के हिसाब से योग्यता मांगी जाएगी. इस क्षेत्र में जाने के लिए उम्र सीमा 16-25 साल के बीच में होनी चाहिए.

 

आप 10वीं पास करने के बाद मर्चेंट नेवी में करियर बनाने के लिए योग्यता:

  • प्री-सी ट्रेनिंग फॉर पर्सनेल, (4 महीने)
  • डेक रेटिंग, (3 महीने)
  • इंजन रेटिंग, (3 महीने)
  • सेलून रेटिंग कोर्स कर सकते है (4 महीने)

12वीं करने के बाद आप के लिए  मर्चेंट नेवी में करियर बनाने के लिए योग्यता:

  • नॉटिकल साइंस, (3 साल)
  • मरीन इंजीनियरिंग, (4 साल)
  • ग्रेजुएट मकेनिकल इंजीनियर्स का कोर्स कर सकते हैं. (1 साल)
पर्सनल स्किल
चूंकि इस फील्ड में पैसे के साथ-साथ चुनौतियां भी बहुत हैं, इसलिए उम्मीदवार को भीतर से स्ट्रॉन्ग और मजबूत कद-काठी का होना जरूरी है। इसमें लंबे समय तक समुद्र के बीच रहना होता है, इसलिए खुद को हर परिस्थिति में एडजस्ट करना आना चाहिए। साथ ही उम्मीदवार साहसिक कार्यों में दिलचस्पी रखता हो। इस फील्ड में आने वाले लोगों को अपने परिवार से कई महीनों तक दूर रहना पड़ता है, अत: इसके लिए भी तैयार रहना चाहिए। प्रोफेशनल्स में धैर्य और टीम भावना होना बहुत जरूरी है।
मर्चेंट नेवी का कामकाज
मर्चेंट नेवी का पूरा कामकाज डेक, इंजन और सर्विस डिपार्टमेंट के रूप में तीन हिस्सों में बंटा है। डेक विंग में कैप्टन, चीफ ऑफिसर, थर्ड ऑफिसर और जूनियर ऑफिसर जैसे प्रोफेशनल्स अपनी सेवाएं देते हैं। इसी तरह इंजन डिपार्टमेंट में चीफ इंजीनियर, सेकंड इंजीनियर, थर्ड इंजीनियर, फोर्थ इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल ऑफिसर और जूनियर इंजीनियर्स जैसे प्रोफेशनल्स की सेवाएं शामिल हैं। मर्चेंट नेवी के सर्विस डिपार्टमेंट के तहत शिप पर स्टूअर्ड, गोताखोर, लाइट कीपर, नर्स, नॉटिकल सर्वेयर आदि जैसे प्रोफेशनल किचन, लॉण्ड्री तथा यात्री सेवाएं उपलब्‍ध कराते हैं। डेक डिपार्टमेंट में ही ‘रेटिंग्स” के रूप में कई विशिष्ट स्टाफ भी होते हैं, जो विभिन्ना कार्यों में सहयोग देते हैं।
मर्चेट नेवी में करियर बनाने के ऑप्शन:
आप 10वीं पास करने के बाद 1-2 साल का डिप्लोमा कोर्स जैसे- प्री-सी ट्रेनिंग फॉर पर्सनेल, डेक रेटिंग, इंजन रेटिंग, सेलून रेटिंग कर सकते हैं. ये सारे कोर्सेज 3-4 महीने के होते हैं. वहीं 12वीं करने के बाद आप नॉटिकल साइंस, मरीन इंजीनियरिंग, ग्रेजुएट मकेनिकल इंजीनियर्स का कोर्स कर सकते हैं. 12वीं के बाद वे ही स्टूडेंट ये कोर्स कर सकते हैं जिन्होंने साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई की हो.
शैक्षणिक योग्यता
मर्चेंट नेवी में 10वीं पास से लेकर बीटेक डिग्रीधारी तक की भर्तियां होती हैं। इसमें पद के हिसाब से योग्यताएं अलग-अलग हैं। इस क्षेत्र में जाने के लिए आयु 16 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अगर आप नेविगेशनल या इंजीनियरिंग फील्ड में जाना चाहते हैं, तो नॉटिकल साइंस, मरीन इंजीनियरिंग या मैकेनिकल इंजीनियरिंग का कोर्स करना जरूरी होता है। ऐसे कोर्सेज में फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स से 12वीं पास विद्यार्थी प्रवेश पा सकते हैं। नॉटिकल साइंस तीन तथा मरीन इंजीनियरिंग चार वर्ष की अवध‍ि का कोर्स है। यदि आप 10वीं पास करने के बाद मर्चेंट नेवी में करियर बनाने के इच्छुक हैं, तो प्री-सी ट्रेनिंग फॉर पर्सोनेल, डेक रेटिंग, इंजन रेटिंग, सलून रेटिंग जैसे डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। ये सभी कोर्स 3 से 4 माह की अवध‍ि के हैं।
चयन प्रक्रिया
विद्यार्थियों को नॉटिकल साइंस या मरीन इंजीनियरिंग डिग्री कोर्स के लिए जेईई पास करना होता है। इसके बाद बीएससी नॉटिकल साइंस के लिए टीएस चाणक्य, मुंबई और मरीन इंजीनियरिंग कोर्स के लिए एमईआरआई, कोलकाता में प्रवेश मिलता है।
कोर्स में प्रवेश से पूर्व मेडिकल फिटनेस भी क्लियर करना होता है। इसके लिए आई-साइट 6/6 होना जरूरी है। डायरेक्ट एंट्री मर्चेंट नेवी में डायरेक्ट एंट्री की भी व्यवस्था है। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषय से 12वीं पास विद्यार्थी डेक कैडेट के तौर पर इस फील्ड में प्रवेश पा सकते हैं। यहां विद्यार्थी काम करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इसी तरह, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल तथा टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट उम्मीदवार मर्चेंट नेवी में इंजन कैडेट/ फिफ्थ इंजीनियर/ जूनियर इंजीनियर के रूप में जुड़ सकते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को शुरूआत में प्री-सी ट्रेनिंग कोर्स करना होता है।
एंट्री लेवल जॉब
मर्चेंट नेवी में एंट्री लेवल पर एक मरीन इंजीनियर फिफ्थ इंजीनियर या जूनियर इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया जाता है। वहीं, नॉटिकल साइंस ग्रेजुएट युवा करियर के शुरूआती दिनों में मर्चेंट नेवी डेक कैडेट कहलाते हैं। बाद के वर्षों में ये प्रोफेशनल अनुभव प्राप्त कर सीनियर पदों तक पहुंचकर अपनी सेवाएं देते हैं। मर्चेंट नेवी में ऐसे प्रोफेशनल्स को प्रमोशन डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग की परीक्षाओं को पास करने के बाद प्राप्त होता है।
सैलरी पैकेज
मर्चेंट नेवी में सभी तरह के प्रोफेशनल्स को आकर्षक सैलरी मिलती है। डेक या इंजन विभाग से जुड़े प्रोफेशनल्स को करियर के शुरूआती दिनों में 40 से 50 हजार रुपए प्रति माह सैलरी मिल जाती है। वहीं, सर्विस डिपार्टमेंट के
प्रोफेशनल्स भी शुरूआत में 15 हजार रुपए प्रति माह कमा सकते हैं। पद और अनुभव बढ़ने पर टेक्निकल टीम के सदस्य 10 से 15 लाख रुपए महीना भी कमा सकते हैं। इस फील्ड में जॉब का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको मुफ्त में खाना, रहना, पेड लीव, बोनस, हॉलीडे ट्रैवल के अलावा परिवार के लिए भी कई अन्य सुविधाएं मिलती हैं।

 

मर्चेंट नेवी में करियर की जानकारी

 

मर्चेन्ट नेवी मुख्य प्रशिक्षण संस्थान(Institute of merchant navy course)

  1. लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज ऑफ अडवांस मरीन टाइम स्टडीज ऐंड रिसर्च, मुंबई
  2. ट्रेनिंग शिप चाणक्य, नवी मुंबई
  3. इंडियन मेरिटाइम यूनिवर्सिटी, चेन्नै
  4. मरीन इंजिनियरिंग ऐंड रिसर्च संस्थान, कोलकाता
मर्चेन्ट नेवी के पद (Different post of merchant navy) मर्चेंट नेवी में करियर क्या क्या है
  • डेक विभाग
  • उप कप्तान
  • सहायक कप्तान
  • थर्ड मेट
  • पायलट ऑफ शिप
  • इंजन विभाग
  • जहाज इंजिनियर
  • इलेक्ट्रिकल ऑफिसर
  • नॉटिकल सर्वेयर
  • रेडियो ऑफिसर

Read – सेना में अधिकारी कैसे बने – आर्मी ऑफिसर बनने के लिए क्या करें
Read- असिस्टेंट कमांडेंट कैसे बने -सहायक  कमांडेंट कैसे बने 

 मर्चेंट नेवी में करियर की जानकारी

देश के प्रमुख इंस्टीट्यूट्स:
ट्रेनिंग शिप चाणक्य, नवी मुंबई
इंडियन मेरिटाइम यूनिवर्सिटी, चेन्नई
मरीन इंजीनियरिंग एंड रिसर्च संस्थान, कोलकाता
लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज ऑफ एडवांस मरीन टाइम स्टडीज एंड रिसर्च, मुंबई

रोजगार के अवसर: इस क्षेत्र में सरकारी और प्राइवेट क्षेत्रों के शिपिंग कंपनियों में नौकरी पाने का मौका मिलता है.

क्या बनेंगे आप
रेडियो ऑफिसर: इस पद पर रहते हुए आपको डेक पर काम करने वालों पर नियंत्रण रखना होता है.
इलेक्ट्रिकल ऑफिसर : इंजन रूम के इलेक्ट्रिकल सामानों की देखभाल करना
नॉटिकल सर्वेयर: समंदर के नक्शे और चार्ट तैयार करना
पायलट ऑफ शिप: इस पद पर काम करते हुए आप जहाज की गति और दिशा तय करते हैं
उप कप्तान: जहाज के कप्तान की सहायता करना और डेक के कर्मचारियों के कामों को देखना
कप्तान: जहाज पर नियंत्रण रखने वाला

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