APO Kaise Bane जिला अभियोजन अधिकारी कैसे बनें? जानें योग्यता, सिलेबस और तैयारी के टिप्स

इस पोस्ट में हम ये बताने जा रहे हैं कि जिला अभियोजन अधिकारी कैसे बने APO Kaise Bane क्या है APO – सहायक अभियोजन अधिकारी ?APO-सहायक अभियोजक अधिकारी न्यायालय का वह अधिवक्ता होता है जो कि सरकार की तरफ से उनके मुकदमो की पैरवी करते है। सरकारी वकील कैसे बने | जिला अभियोजन अधिकारी कैसे बने

Infographic on how to become a District Prosecution Officer (APO) with details on qualifications, syllabus, and preparation tips APO Kaise Bane
Guide to Becoming a District Prosecution Officer (APO): Qualifications, Syllabus, and Tips

देश में न्यायालय को उसके क्षेत्राधिकार के आधार में 3 भागो में विभाजित किया गया है जो कि :-

  1. सर्वोचत्म न्यायालय – इसका क्षेत्राधिकार सम्पूर्ण भारत की सीमा में होता है। 
  2. उच्चतम न्यायालय – इसका क्षेत्राधिकार राज्य की सीमा तक होता है। 
  3. जिला न्यायालय – इसका क्षेत्राधिकार अपने जिले की सीमाओं तक ही होता है। 

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Sarkari Advocate Kaise Bane -APO Kaise Bane

इन सभी प्रत्येक न्यायालाओं में सरकार के मुकदमो की पैरवी करने के लिए किसी न किसी व्यक्ति की सरकार को आवश्यकता होती है, जिसके लिए वह अधिवक्ताओं को नियुक्त करती है। अधिवक्ताओं की नियुक्ति अनुभव व् परीक्षा के आधार पर होती है। 
2. सरकार की तरफ से उनके मुकदमो की पैरवी करने वाले अधिवक्तओं को किन किन नामो से जाना जाता है ? सरकार की ओर से न्यायालय में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं को उसके न्यायालय की श्रेणी के आधार पर निम्न नामो से जाना जाता है ?

  1. उच्चतम न्यायालय – महान्यायवादी। 
  2. उच्तम न्यायालय – महाधिवक्ता। 
  3. जिला सत्र न्यायालय – सहायक अभियोजक अधिकारी।  

APO Kaise Bane – Sahayk Abhiyojan Adhikari

3. सहायक अभियोजक अधिकारी कैसे बने ?सहायक अभियोजक अधिकारी बनने के लिए व्यक्ति का मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एल० एल० बी० पास होना अनिवार्य है। सहायक अभियोजक अधिकारी बनने के लिए दो आधार है:-

  1. अनुभव के आधार पर। 
  2. परीक्षा के आधार पर। 

4. अनुभव के आधार पर सहायक अभियोजक अधिकारी बनने के लिए योग्यता क्या होती है ?उत्तर प्रदेश में सहायक अभियोजक अधिकारी बनने के लिए दो आधार बताये गए है जिसमे से एक अनुभव का आधार, जो कि किसी अधिवक्ता को इस पद पर नियुक्त होने के काबिल बनाता है।

  1. अभ्यर्थी का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। 
  2. अभ्यर्थी की आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए। 
  3. अभ्यर्थी का वकालत में कम से कम 7 साल का अनुभव होना अनिवार्य है।  

5. परीक्षा के आधार सहायक अभियोजक अधिकारी बनने के लिए योग्यता क्या होती है ? उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) समय समय पर सहायक अब्भियोजन अधिकारी पदों APO पोस्ट के लिए विज्ञापन जारी करता है| उत्तर प्रदेश में सहायक अभियोजक अधिकारी के पद पर नियुक्ति के लिए सरकार द्वारा कुछ योग्यताओं को निर्धारित किया गया है, इस पद पर नियुक्ति के व्यक्ति के इन निम्न योग्यताओं पर खरा उतरना होगा जैसे कि :-

सहायक अभियोजन अधिकारी पद के लिए योग्यता

इस पद पर नियुक्ति आमतौर पर राज्य लोक सेवा आयोग (State Public Service Commission) की प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से होती है। उम्मीदवार को स्नातक डिग्री (किसी भी विषय में) और कानून की डिग्री (LLB) की आवश्यकता हो सकती है, साथ ही आयु सीमा और अन्य पात्रता मानदंडों का पालन करना होता है।

  1. अभ्यर्थी का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। 
  2. अभ्यर्थी का मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एल० एल० बी० पास होना अनिवार्य है। 
  3. अभ्यर्थी की आवेदन के समय आयु कम से कम 21वर्ष पूर्ण होनी चाहिए व् 40 वर्ष से अधिक नहीं। 
  4. दिव्यांगजन अभ्यर्थी की अधिकतम उम्र 55 वर्ष निर्धारित की गयी है। 

परीक्षा के आधार पर सहायक अभियोजक अधिकारी का चयन कैसे होता है ?

उत्तर प्रदेश में परीक्षा के आधार पर सहायक अभियोजक अधिकारी के चयन की प्रक्रिया को मूलतः तीन भागों में विभाजित किया गया है जो की निम्न प्रकार से है :-

  1. प्रारंभिक परीक्षा जो कि वैकल्पिक प्रश्नो पर आधारित होते है। 
  2. मुख्य परीक्षा जो कि लिखित परीक्षा पर आधारित होती है। 
  3. पर्सनॅलिटी परीक्षा जो कि साक्षात्कार पर आधारित होते है। 

APO परीक्षा UPPSC APO सहायक अभियोजन अधिकारी -APO Kaise Bane

परीक्षापरीक्षा का प्रकारपेपरअंक
प्रारंभिक परीक्षाप्रश्न वैकल्पिक प्रकार1 पेपर150 अंक
मुख्य परीक्षालिखित परीक्षा4 पेपर400 अंक
पर्सनालिटी टेस्टसाक्षात्कार50 अंक

UPPSC APO सहायक अभियोजन अधिकारी परीक्षा पैटर्न – APO Kaise Bane

 विषयअंक
भाग- I
सामान्य ज्ञान
राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वर्तमान घटना10
भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था8
सामान्य विज्ञान8
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन8
विश्व भूगोल और प्रदूषण8
भारत का इतिहास8
भाग- IIभारतीय साक्ष्य अधिनियम25
यूपी पुलिस अधिनियम और विनियम15
भारतीय दंड संहिता35
आपराधिक प्रक्रिया संहिता25

UPPSC APO सहायक अभियोजन अधिकारी मुख्य परीक्षा पैटर्न

अंग्रेज़ी100
हिंदी100
सामान्य ज्ञान100
साक्ष्य का कानून100
आपराधिक कानून और प्रक्रिया100

APO का वेतन कितना होता है सहायक अभियोजन अधिकारी का Salary – APO Ki Salary

इस पद के लिए पे स्केल रुपये 9300 – 34800 है | सातवें वेतन आयोग में यह 47600 बेसिक हो गयी है | हर राज्य में APO का वेतन अलग अलग होता है|

उत्तर प्रदेश सहायक अभियोजन अधिकारी (UP APO) परीक्षा सिलेबस 2025

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा सहायक अभियोजन अधिकारी (Assistant Prosecution Officer) की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में तीन चरण होते हैं: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, और साक्षात्कार (Personality Test)। नीचे 2025 के लिए UPPSC APO परीक्षा का विस्तृत सिलेबस आसान हिंदी में दिया गया है, जो आधिकारिक स्रोतों और वेब जानकारी पर आधारित है। APO Kaise Bane


1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination)

प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ (Objective Type) प्रश्न होते हैं और यह दो भागों में होती है:

भाग-1: सामान्य अध्ययन (General Studies)

  • कुल अंक: 50 प्रश्न, 100 अंक
  • विषय:
    • सामान्य विज्ञान: विज्ञान की बुनियादी अवधारणाएँ, पर्यावरण, और तकनीकी विकास।
    • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनाएँ: हाल की महत्वपूर्ण खबरें, खेल, पुरस्कार, सम्मेलन आदि।
    • भारत का इतिहास: प्राचीन, मध्यकालीन, और आधुनिक भारत का इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम।
    • भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख आंदोलन, नेता, और घटनाएँ।
    • भारतीय राजतंत्र और अर्थव्यवस्था: भारतीय संविधान, पंचायती राज, आर्थिक नीतियाँ, और योजनाएँ।
    • विश्व भूगोल और भारत का भूगोल: भौतिक भूगोल, जलवायु, जनसंख्या, और उत्तर प्रदेश का भूगोल।
    • उत्तर प्रदेश की सामान्य जानकारी: UP की संस्कृति, इतिहास, भूगोल, और प्रशासन Thierry-प्रशासनिक व्यवस्था।
    • भारतीय संस्कृति: भारतीय कला, साहित्य, और परंपराएँ।

भाग-2: कानून (Law)

  • कुल अंक: 50 प्रश्न, 150 अंक
  • विषय:
    • भारतीय दंड संहिता (IPC): अपराध, सजा, और कानूनी प्रक्रियाएँ।
    • आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC): जांच, गिरफ्तारी, जमानत, और मुकदमे की प्रक्रिया।
    • भारतीय साक्ष्य अधिनियम: साक्ष्य के नियम, गवाह, और सबूत।
    • पुलिस एक्ट और नियम: पुलिस प्रशासन और नियम।
    • संवैधानिक कानून: भारतीय संविधान की मूल बातें, मौलिक अधिकार, और कर्तव्य।
    • अभियोजन से संबंधित कानून: अभियोजन प्रक्रियाएँ और नियम।

नोट: प्रारंभिक परीक्षा का उद्देश्य स्क्रीनिंग है, और इसमें नकारात्मक अंकन (Negative Marking) हो सकता है।


2. मुख्य परीक्षा (Mains Examination)

मुख्य परीक्षा में लिखित (Descriptive Type) प्रश्न होते हैं और चार पेपर होते हैं। प्रत्येक पेपर 100 अंक का होता है।

पेपर-1: सामान्य ज्ञान (General Knowledge)

  • विषय:
    • भारत और उत्तर प्रदेश का इतिहास और संस्कृति।
    • भारतीय संविधान और राजतंत्र।
    • भारतीय अर्थव्यवस्था और योजनाएँ।
    • समसामयिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ।
    • उत्तर प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक, और सांस्कृतिक जानकारी।
    • पर्यावरण और विज्ञान से संबंधित सामान्य जानकारी।

पेपर-2: सामान्य हिंदी (General Hindi)

  • विषय:
    • पत्र लेखन।
    • निबंध लेखन।
    • संक्षेपण (Precis Writing)।
    • अनुवाद (अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी)।
    • हिंदी व्याकरण: संधि, समास, अलंकार, मुहावरे, और लोकोक्तियाँ।

पेपर-3: आपराधिक कानून और प्रक्रिया (Criminal Law and Procedure)

  • विषय:
    • भारतीय दंड संहिता (IPC): अपराधों की परिभाषा, सजा, और छूट।
    • आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC): गिरफ्तारी, जमानत, जांच, और मुकदमा।
    • भारतीय साक्ष्य अधिनियम: साक्ष्य के प्रकार, स्वीकार्यता, और गवाह।
    • अपराध की रोकथाम और अभियोजन प्रक्रियाएँ।

पेपर-4: कानून और साक्ष्य (Law of Evidence and Procedure)

  • विषय:
    • भारतीय साक्ष्य अधिनियम: साक्ष्य प्रस्तुति, गवाहों की विश्वसनीयता।
    • अभियोजन और बचाव पक्ष की प्रक्रियाएँ।
    • संवैधानिक कानून: मौलिक अधिकार, कानूनी उपचार, और संवैधानिक प्रावधान।
    • पुलिस और अभियोजन के बीच समन्वय।

3. साक्षात्कार (Personality Test/Interview)

  • कुल अंक: 100
  • विवरण:
    • साक्षात्कार में उम्मीदवार के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, कानूनी ज्ञान, और संचार कौशल का मूल्यांकन किया जाता है।
    • सामान्य ज्ञान, कानूनी समझ, और उत्तर प्रदेश से संबंधित मुद्दों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
    • उम्मीदवार की तार्किक क्षमता और नैतिकता का भी आकलन होता है।

महत्वपूर्ण जानकारी

  • प्रारंभिक परीक्षा: कुल 250 अंक (100 अंक सामान्य अध्ययन + 150 अंक कानून)।
  • मुख्य परीक्षा: कुल 400 अंक (4 पेपर, प्रत्येक 100 अंक)।
  • साक्षात्कार: 100 अंक।
  • कुल अंक: 500 (मुख्य परीक्षा + साक्षात्कार)।
  • नकारात्मक अंकन: प्रारंभिक परीक्षा में गलत उत्तर के लिए नकारात्मक अंकन हो सकता है (आमतौर पर 1/3 अंक कटौती)।
  • पात्रता: उम्मीदवार के पास कानून की डिग्री (LLB) और आयु सीमा (21-40 वर्ष, आरक्षण के अनुसार छूट) होनी चाहिए।

APO तैयारी के टिप्स – APO Kaise Bane

  1. कानूनी किताबें पढ़ें: IPC, CrPC, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की मानक किताबें पढ़ें।
  2. समसामयिक घटनाएँ: रोज़ अखबार पढ़ें और उत्तर प्रदेश से संबंधित खबरों पर ध्यान दें।
  3. हिंदी लेखन अभ्यास: निबंध, पत्र, और संक्षेपण का अभ्यास करें।
  4. मॉक टेस्ट: प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए मॉक टेस्ट दें।
  5. कानूनी प्रक्रिया समझें: अभियोजन और अदालती प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझें।

जिला अभियोजन अधिकारी (District Prosecution Officer) के काम

  1. अदालत में सरकार का पक्ष रखना: जिला अभियोजन अधिकारी अपराध के मामलों में सरकार की ओर से वकील की तरह काम करते हैं। वे अदालत में सबूत और दलीलें पेश करते हैं ताकि अपराधी को सजा मिले।
  2. मामलों की तैयारी: वे पुलिस की रिपोर्ट, सबूत और चार्जशीट की जांच करते हैं ताकि केस को मजबूती से पेश किया जा सके। इसमें गवाहों को तैयार करना और कानूनी कागजात ठीक करना शामिल है।
  3. कानूनी सलाह देना: वे पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियों को सही कानूनी रास्ता दिखाते हैं ताकि जांच सही हो और कानून का पालन हो।
  4. जमानत और अपील का काम: वे अपराधी की जमानत का विरोध करते हैं। अगर कोई अपराधी बरी हो जाता है, तो वे ऊपरी अदालत में अपील करने में मदद करते हैं।
  5. मामलों पर नजर रखना: वे आपराधिक मामलों की प्रगति पर नजर रखते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि सुनवाई समय पर हो।
  6. रिपोर्ट देना और तालमेल बनाना: वे अपने काम की जानकारी ऊपरी अधिकारियों को देते हैं और पुलिस, जिला प्रशासन व अन्य विभागों के साथ मिलकर काम करते हैं।
  7. लोगों के हितों की रक्षा: वे यह सुनिश्चित करते हैं कि पीड़ितों को न्याय मिले और समाज में कानून-व्यवस्था बनी रहे।

ये काम जिला अभियोजन अधिकारी को न्याय दिलाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने में मदद करते हैं। APO Kaise Bane

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