एक बेहतर इंसान कैसे बने

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ईश्वर ने इंसान और जानवर के बीच सिर्फ एक ही अंतर दिया | वो अंतर है विवेक शक्ति | विवेकशक्ति के ही आधार पर इन्सान सही और ग़लत में फर्क कर सकता है | मानवता के गुणों का समावेश करके ही हम जानवरों से भिन्न होते हैं | अगर आप भी अपनी जिंदगी में एक बेहतर इन्सान बनना  चाहते हैं तो आपके अन्दर सही और ग़लत के बीच अंतर देखने और समझने का नजरिया होना चाहिए |

सही क्या है और ग़लत क्या है 

सही और ग़लत की ऐसी कोई  परिभाषा नहीं है | कोई भी चीज़ या स्थिति अगर किसी एक व्यक्ति के लिए सही है तो वही चीज़ दूसी तरफ दूसरे व्यक्ति के लिए ग़लत होती है | इस बात को समझने के लिए हम एक उदहारण लेते हैं | किसी चोर के लिए चोरी करना ग़लत बात नहीं है परन्तु जिसके घर में चोरी हो रही है और जिसे इससे नुकसान पंहुचा है उस व्यक्ति के लिए ये बहुत ही ग़लत बात है | इस बात का ये मतलब कत्तई नहीं है कि सब कुछ सही है या सब कुछ ग़लत |

समाज का एक बड़ा वर्ग जिस बात या चीज़ को सिरे से नकारता है हम उसे ग़लत कहते हैं | जो बात हमारे समाज में स्वीकार्य है वो सही मानी जाती है | अगर आप एक बेहतर इंसान बनना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको सही और ग़लत में से सही का चुनाव करना होगा और उसी पर अडिग रहना होगा चाहे कितनी ही परेशानिया क्यों न आये | ऐसी चुनौतियों से व्यक्ति के अन्दर गंभीरता आती है और वो एक बेहतर शख्सियत बन सकता है

बेहतर इंसान में क्या खासियत होती है

दूसरे के नजरिये को समझने वाला 

एक बेहतर इंसान दूसरे के नजरिये को भी समझने वाला होता है | सामने वाले के दुःख में अपना हाथ बटाना एक अच्छे इंसान कि सबसे बड़ी पहचान होती है |

अपने मूल्यों से समझौता न करने वाला 

एक  बेहतर इन्सान अपने मूल्यों से कभी समझौता नहीं करता | चाहे उसे कितने और कैसे भी प्रलोभन दिए जाए | वो अपने वादे का पक्का होता है | अपना रंग नहीं बदलता

सम्मान देकर सम्मान कमाने वाला

कहा जाता है कि सम्मान माँगा नहीं जाता | सम्मान कमाया जाता है | सम्मान या इज्ज़त पाने कि पहली शर्त यही है कि आप सामने वाले व्यक्ति को भी उतना ही सम्मान दे | एक बेहतर इंसान दूसरे का सम्मान करता है चाहे वो व्यक्ति सामने हो या नहीं | पीठ पीछे सम्मान देना एक बेहतर इंसान कि निशानी  होती है |

ज्ञान और जानकारियों को बाटने  वाला 

एक बेहतर इन्सान अपने  द्वारा अर्जित किये गए ज्ञान को अपने समाज और देश के उन लोगो को समर्पित कर देता हैं जिनके जीवन में ज्ञान का प्रकाश नहीं पंहुचा है | अपने ज्ञान को आखिरी व्यक्ति तक पहुचाना एक अच्छे व्यक्ति के गुण हैं | निति शास्त्रों में भी भले मनुष्य कि यही पहचान बताई गयी है

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